पर्यटन का मजा लें बीमा संग
यात्रा के पहले कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। इन्हीं में से एक है बीमा। आमतौर पर पर्यटक इसको अनदेखा कर देते है। वे अपनी यात्रा का बीमा करवाना जरुरी नहीं समझते हैं। लेकिन यात्रा के दौरान अगर आपका सामान चोरी हो जाए, आपकी टिकट खो जाए, आपका पासपोर्ट गुम हो जाएं या किसी प्रकार की कोई दुर्घटना घट जाए तो इन परिस्थितियों में आप अपने आपको असहाय पाते हैं। इस परिस्थिति में यदि आपके पास बीमा होता है तो निश्िचत रूप से आप तनाव मुक्त होते हैं क्योंकि आपको मालूम होता है कि आपके चोरी हुए सामान की कीमत आपको वापस मिल जाएगी। इन्हीं हालातों को देखते हुए सभी ट्रेवल एजेंट यात्रा बीमा करवाने की सलाह देते हैं, जो आपके पक्ष में होता है।
केस स्टडी
आशा अपने बच्चों के साथ छुट्टियां मनाने शिमला जा रही थी। रास्तें में किसी ने उसका बैग चुरा लिया। बैग में नकद पैसे के साथ-साथ वापसी का टिकट भी था। इस परिस्थिति में उसे तत्काल दु:ख तो हुआ, लेकिन उसे इस बात का संतोष था कि उसने अपना यात्रा बीमा करवा रखा था। अत: उसके चोरी हुए सामान की कीमत मिलना तय था।
बीमा क्षेत्र
आईसीआईसीआई, टाटा एज, बजाज आलियांज आदि बीमा कंपनियां यात्रा बीमा करवाती हैं। ये कंपनियां मेडिकल इमरजेंसी, एक्सीडेंट के दौरान होने वाली मृत्यु, ट्रेवल से जुड़े डॉक्यूमेंट के गुम होने, कानूनी मुद्दों तथा ट्रेन लेट होने जैसे रिस्क को कवर करती है। यहां तक कि अगर आपने किराए पर गाड़ी ली है और वह गाड़ी खराब हो जाती है तो उस स्थिति में भी बीमा कंपनी आपकी मदद करती है।
बीमा कब करवाएं
यात्रा की योजना बनते ही जितनी जल्दी हो, बीमा करवा लेना चाहिए। बेहतर यही होगा कि जैसे ही आप टिकट की बुकिंग करवाते हैं, वैसे ही बीमा भी करवा लें। यात्रा बीमा की खासियत यह है कि इसमें स्टूडेंट्स, बिजनेस, वेकेशंस, एडवेंचर, क्रूज, विदेश-यात्रा व फैमिली छुट्टियां आदि सभी के लिए अलग-अलग प्रकार की बीमा होती है। अगर आप पर्यटन का पूर्ण आनंद लेना चाहते हैं तो यात्रा बीमा जरुर करवाएं।