क्या देखें फोटो गैलरी देखें बदरका हरवंस: उन्नाव के दक्षिण से 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बदरका हरवंस गांव स्थित है। इस गांव की स्थापना 1643 ई. में राजा हरबंस ने शाहजहां के प्रांगण में राजकीय रूप से की थी। इस जगह के लिए उन्हें परगना हरहा शासन ने 500 बीगा जमीन दी थी। इस स्थान पर उन्होंने एक खूबसूरत आवास का निर्माण करवाया था। इस आवास की खूबसूरती देखते ही बनती है।
बक्सर: गंगा नदी के तट पर स्थित बक्सर उन्नाव के दक्षिण-पूर्व से 51 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस जगह का नामाकरण संस्कृत शब्द बक्सराम से किया गया है। माना जाता है कि इस शहर की स्थापना बाका नाम के एक राक्षस ने की थी। जिसके पश्चात् वह स्वयं इसी शहर में रहने लगा था और इस जगह पर नागेश्वर नाथ महादेव मंदिर की स्थापना की। इसके अतिरिक्त, माना जाता है कि बाका राक्षस की मृत्यु लगभग 5000 वर्ष पूर्व भगवान कृष्ण के हाथों हुई थी।
नवाबगंज पक्षी अभ्यारण: उन्नाव स्थित नवाबगंज पक्षी अभ्यारण भारत के प्रसिद्ध अभ्यारणों में से एक है। इस अभ्यारण में पक्षियों की लगभग 300 प्रजातियां देखी जा सकती है। नवाबगंज पक्षी अभ्यारण में तिब्बत, यूरोप, चीन, साइबेरिया और अन्य कई प्रकार पक्षी मौजूद है। अभ्यारण के समीप में ही नवाबगंज झील भी स्थित है। घूमने का समय: नवम्बर और फरवरी
पतन: उन्नाव से इलाहाबाद मार्ग होते हुए, अचलगंज पूर्वा के दक्षिण से लगभग 16 किलोमीटर की दूरी पर पतन स्थित है। पतन स्थित लिंगेश्वर मंदिर, मुहब्बत शाह का किला और प्राचीन समय के टीले यहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से है। पूस माह के पहले वीरवार को यहां मेले का आयोजन किया जाता है। इस मेले को टकिया-का-मेला के नाम से जाना जाता है। यह मेला मुहम्ब्बत शाह के शिष्य निमात शाह के सम्मान में लगाया जाता है।
परियार: परियार को पहले परगना के नाम से जाना जाता था। गंगा नदी के तट पर स्थित परियार उन्नाव के उत्तर-पश्चिम से लगभग 23 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। माना जाता है कि इस गांव की स्थापना 12वीं शताब्दी में हिमाचल सिंह ने की थी। इस जगह पर दो मंदिर स्थित है। जिसमें से एक मंदिर बलकानेश्वर नाथ महादेव का है। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण लव और कुश ने करवाया था और दूसरे मंदिर का निर्माण सीता माता ने करवाया था। इसके अतिरिक्त, ऐसा भी माना जाता है कि इसी जगह पर लव और कुश का जन्म हुआ था।
दुंडिया खेर: इस जगह को संग्रामपुर के नाम से जाना जाता है। मोराही नदी के तट पर स्थित यह जगह उन्नाव-डलमाऊ मार्ग के पश्चिम से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। लगभग 13वीं शताब्दी में अभय चंद और दुंडिया खेर के भार के बीच युद्ध हुआ था। जिसके पश्चात् अभय चंद ने इस गांव का नाम संग्रामपुर रख दिया था।
साफीपुर: साफीपुर, उन्नाव के उत्तर-पश्चिम से लगभग 27 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस जगह का नाम दरवेश मखदूम शाह सफी के नाम पर रखा गया है। उनकी मृत्यु इसी स्थान पर हुई थी।
कहां ठहरें: उन्नाव में ठहरने के लिए होटलों का अभाव है। इसलिए यहां आने वाले पर्यटक इसके नजदीकी शहर कानपुर में ठहरते हैं। कानपुर में होटलों की अच्छी व्यवस्था है। कानपुर के होटलों की सूची यहां दी जा रही है।
होटल अतिथि लोकेशन- द माल, कानपुर दूरभाष- 0512 - 2311471 / 472 / 382 / 607 ईमेल- abybaby1976@indiatimes.com कमरों की संख्या- 10 सुविधाएं- रेस्टोरेंट, गर्म पानी, बैंक्वेट हॉल, क्रेडिट कार्ड स्वीकार्य आदि।
होटल सेलिब्रेशन लोकेशन- जी टी रोड, गुमती गुरूद्वारे के निकट दूरभाष- 0512 - 2548254, 2548454, 2551254, 2552254 फैक्स- 0512 - 2554354, 2526654 ईमेल- celebration@sancharnet.in वेबसाइट- www.hotelcelebration.in कमरों की संख्या- 11 सुविधाएं- रेस्टोरेंट, रूम सर्विस, कान्फ्रेंस, बैंक्वेट हॉल, पावर बैकअप, लॉन्ड्री, डॉक्टर ऑन कॉल, इलेक्ट्रॉनिक लॉकर, क्रेडिट कार्ड स्वीकार्य आदि।
होटल दीप मयूर लोकेशन- सुतरगंग दूरभाष- 0512 - 2537114/ 15 फैक्स- 0512 - 2530921 कमरों की संख्या- 35 सुविधाएं- रेस्टोरेंट, रूम सर्विस, ठंडा-गर्म पानी, टेलिफोन, टीवी, लॉन्ड्री, डॉक्टर ऑन कॉल, क्रेडिट कार्ड स्वीकार्य आदि।
होटल स्वागत लोकेशन- फीट रोड, ब्रह्म नगर दूरभाष- 0512 - 2541923, 2541900, 2545800, 2548500 फैक्स- 0512 - 2542100 कमरों की संख्या- 34 सुविधाएं- रेस्टोरेंट, रूम सर्विस, ठंडा-गर्म पानी, टेलिफोन, केबल, कॉरपेट, कान्फ्रेंस, बैंक्वेट हॉल, कार रेंटल, डॉक्टर ऑन कॉल, ब्यूटी पॉर्लर, कार पार्किंग, लॉन्ड्री, सेफ डिपोजिट, क्रेडिट कार्ड स्वीकार्य आदि।
होटल गेन्जेस लोकेशन- हरीसगंज दूरभाष- 0512 - 2320113 फैक्स- 0512 - 2320113 कमरों की संख्या- 76 सुविधाएं- रेस्टोरेंट, रूम सर्विस, गर्म पानी आदि।
कैसे जाएं वायु मार्ग: सबसे निकटतम हवाई अड्डा अमुसी, लखनऊ है। रेल मार्ग: सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन कौशाम्बी है। इसके अलावा यह जगह लखनऊ, कानपुर और दिल्ली आदि से भी रेलमार्ग द्वारा जुड़ी हुई है। सड़क मार्ग: उन्नाव सड़कमार्ग द्वारा भारत के कई प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।
एक नजर में राज्य: उत्तर प्रदेश क्षेत्रफल: 2.246 वर्ग किलोमीटर भाषा: हिन्दी एसटीडी कोड: 515 घूमने का समय: नवम्बर से फरवरी
सरिता पालीवाल