क्या देखें फोटो गैलरी देखें कदियाली मंदिर माना जाता है कि पहले कदियाली को कदेहल्ली कहा जाता था और यह शिवल्ली का हिस्सा था। तुलुनाडु में प्रचलित जनश्रुतियों के अनुसार राजा राम भोज पुत्रकामेष्टी यज्ञ कराना चाहते थे। यज्ञ की तैयारी करते समय जमीन की खुदाई के दौरान एक नाग मारा गया। इस पाप के प्रायश्चित के लिए उन्होंने शिवलिंग की स्थापना करवाई जहां भगवान विष्णु भी शेषशयी रूप में विराजमान थे।
यह मंदिर अनंतेश्वर मंदिर के नाम से जाना गया जो कूष्ण मंदिर के पास स्थित है। राजा ने अनंतेश्वर मंदिर के आसपास चार दुर्गा मंदिरों का भी निर्माण कराया। कदियाली महिषमर्दिनी मंदिर इनमें से एक है।
श्री कृष्ण मंदिर उदुपी पश्चिमी घाट क्षेत्र में स्थित एक पवित्र स्थान है। मैंगलोर से करीब 60 किमी. दूर उदुपी महान संस्कृत दार्शनिक माधवाचार्य का जन्मस्थान है। यह जिले की शक्षिक, सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों का केंद्र है। यहां का प्रमुख मंदिर श्री कृष्ण मंदिर है जिसमें भगवान कृष्ण की आभूषणों से सुसज्जित प्रतिमा स्थापित है। मंदिर की सबसे प्रमुख विशेषता यह प्रतिमा ही है जिसकी स्थापना स्वयं माधवाचार्य ने की थी। मंदिर का अन्य आकर्षण कनकन किंडी नामक एक छोटी खिड़की है जिसके बारे में माना जाता है कि यहीं से भगवान कृष्ण ने अपने भक्त कनकदेस को दर्शन दिए थे।
श्री महालिंगेश्वर महागणपति मंदिर पदुबिद्रे एक पवित्र स्थान हैं जहां बहुत से मंदिर हैं और यहीं पर दो साल में एक बार धक्के बाली का आयोजन किया जाता है। पदुबिद्रे का महालिंगेश्वर महागणपति मंदिर उदुपी और दक्षिण कन्नड़ का प्रसिद्ध मंदिर है।
माल्पे माल्पे नगर उदुपी से करीब चार किमी. पश्चिम में स्थित है। उदयवरा नदी के मुहाने पर बना यह कर्नाटक का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह है। इस स्थान की प्राकृतिक खूबसूरती देखते ही बनती है। लंबे समय से माल्पे व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। यह एक प्राकृतिक बंदरगाह है। इसके पश्चिम में तीन चट्टानी टापू भी हैं।
सेंट मेरी द्वीप सेंट मेरी छोटे-छोटे टापुओं का समूह है जो माल्पे से थोड़ा उत्तर में उदुपी से सात किमी. दूर है। 1498 में वास्को-डी-गामा ने इनमें से एक द्वीप पर कदम रखा था जिसे वास्को ने अल प्रेडोन डी सांटा मारिया कहा। इस पर आज इसका नाम सेंट मारिया पड़ा। उत्तरी टापू नारियल के पेड़ों से भरा है जो इसे अन्य सभी द्वीपों से अधिक छायादार बनाते हैं। यह स्थान अपने चट्टानों की विचित्र स्थित के कारण सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता हैं।
मूकंबिका वन्यजीव अभ्यारण्य 247 वर्ग किमी. में फैला मूकंबिका वन्यजीव अभ्यारण्य घने सदाबहार वनों और अर्द्ध सदाबहार वनों के बीच स्थित है। पश्चिमी घाट पर स्थित इस अभ्यारण्य के पास शरवती घाटी वन्यजीव अभ्यारण्य भी है। यहां पर अनेक प्रजातियों के जानवर पाए जाते हैं। इनमें शेर की पूंछ वाला बंदर, लंगूर, भालू, जंगली सूअर, तेंदुआ, भेड़िया, चीतल, सांभर और बार्किग डीयर आदि प्रमुख हैं। इसके अलावा यहां विविध प्रकार के पक्षी भी देखे जा सकते हैं। यह अभ्यारण्य ट्रैकिंग और नेचर कैंपिंग का मौका देता है। कोल्लुर और मूकंबिका मंदिर यहां के निकटवर्ती पर्यटक स्थल हैं। यहां आने के लिए सही समय नवंबर से मार्च के बीच है। इस दौरान मौसम सुहावना होता है और पहुंचने में आसानी होती है।
रामसमुद्र झील रामसमुद्र एक खूबसूरत झील है जो उदुपी जिले के कर्कला तालुक में स्थित है। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए बोटिंग सुविधा भी उपलब्ध है। पास ही अम्मनवरा बसदी और चतुमरुख बसदी हैं जो अपने मूर्तिशिल्प के लिए जाना जाता हैं।
मरवंते उदुपी से 50 किमी. दूर स्थित है मरवंते। यहां का मुख्य आकर्षण इसकी अद्भुत स्थित है। इसके पश्चिम में अरब सागर और पूर्व में सोरपनिका नदी है और बीच में सड़क है। मरवंते का खूबसूरत तट बड़ी संख्या में सैलानियों को लुभाता है। दूर तक फैली सुनहरी रेत और खजूर के पेड़ पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
ब्रह्मवर उदुपी से 13 किमी. उत्तर में स्थित ब्रह्मवर एक प्राचीन सांस्कृतिक केंद्र है। यहां के तीन प्रमुख मंदिर हैं: 9वीं शताब्दी का महालिंग मंदिर, गोपीनाथ मंदिर और जनार्द्वन मंदिर। गोपीनाथ मंदिर में हायसल वास्तुकला का सुंदर रूप दिखाई पड़ता है।
कैसे जाएं वायु मार्ग: उदुपी से नजदीकी हवाई अड्डा बजपे है जो यहां से 60 किमी. दूर है। यहां से दिल्ली, मुंबई, बंगलुरु और चेन्नई समेत देश के अधिकांश प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें उपलब्ध हैं। रेल मार्ग: उदुपी में रेलवे स्टेशन है जहां से सभी महानगरों के लिए रेलगाड़ियां चलती हैं। सड़क मार्ग: उदुपी से राज्य के सभी प्रमुख स्थानों तक सड़कों का जाल बिछा हुआ है। कर्नाटक के कई शहरों से यहां के लिए बस सेवा भी मौजूद है।
कहां ठहरें करावली होटल लोकेशन: राष्ट्रीय राजमार्ग 17, अदिउदुपी ई-मेल: karavali@hotelskarnataka.com कमरों की संख्या: 68 सुविधाएं: जिम, पूल टेबल, टेबल टेनिस, स्विमिंग पूल, डॉक्टर का प्रबंध, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट
होटल दुर्गा इंटरनेशनल लोकेशन: बस स्टैंड के पास ई-मेल: durga@hotelskarnataka.com सुविधाएं: लॉन्ड्री, ट्रेवल डेस्क, एयर कंडीशनर, कॉन्फ्रेंस हॉल, रेस्टोरेंट, पार्किंग
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मदर पैलेस लोकेशन: राष्ट्रीय राजमार्ग 17, ब्रrावर ई-मेल: motherpalace@hotelskarnataka.com सुविधाएं: एयर कंडीशनर, टेलिफोन, सेटेलाइट टेलिविजन, टेलिफोन, ट्रेवल असिस्टेंस, डॉक्टर का प्रबंध,
उदुपी- एक नजर में राज्य: कर्नाटक क्षेत्रफल: 3575 वर्ग किमी. भाषा: तुलु, कोंकणी, कन्नड़ कब जाएं: सितंबर से जनवरी एसटीडी कोड: + 08252
पर्यटन संबंधी जानकारी के लिए संपर्क करें क्षेत्रीय पर्यटक कार्यालय कृष्णा बिल्डिंग, कार स्ट्रीट, उदुपी- 576101 दूरभाष: 825229718
कर्नाटक पर्यटन सूचना केंद्र त्रिवेणी लॉज बिल्डिंग, हमपनकट्टा, मैंगलोर दूरभाष: 824 442926
उमा मिश्रा