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पश्‍िचमी सियांग

यहां पर अधिकतर आदिवासी रहते है, इनकी संस्कृति बहुत रंग-बिरंगी है और पर्यटकों को बहुत पसंद आती है

पश्‍िचमी सियांग अरूणाचल प्रदेश के केन्द्र में स्थित है और बहुत ही खूबसूरत पर्यटन स्‍थल है। इसका मुख्यालय अलोंग में है। इसके उत्तर में चीन, पूर्व में ऊपरी सियांग और पूर्वी सियांग, दक्षिण में असम और पश्चिम में अरूणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबांसिरी और निचला सुबांसिरी स्थित हैं। यहां पर अधिकतर आदिवासी  रहते है। इन आदिवासी जातियों में गेलो, मिन्योंग, बोरी, बोकर, पलिबो, रामोस और खम्भा प्रमुख हैं। इन आदिवासियों की संस्कृति बहुत रंग-बिरंगी है और पर्यटकों को बहुत पसंद आती है। यह आदिवासी वर्ष में कई उत्सव भी मनाते हैं। पश्चिमी सियांग प्राकृतिक रूप से बहुत खूबसूरत है। इसके जंगलों में पर्यटक वन्य जीवन और पेड़-पौधों के खूबसूरत दृश्य देख सकते हैं। इसका नाम सियांग नदी के नाम पर रखा गया है। सियांग नदी की घाटी बहुत खूबसूरत है। इसके पास ही अनेक उपजाऊ मैदान भी हैं। यह भौगोलिक विषमताओं से भरा हुआ है। यहां पर कहीं खुले मैदान हैं और कहीं पहाड़। इस कारण अलग-अलग जगहों पर इसका मौसम भी अलग-अलग है।

क्या देखें
मालिनीथान
: जमीन से 60 मी. की ऊंचाई पर स्थित मालिनीथान अरूणाचल प्रदेश का सबसे खूबसूरत और पवित्र पर्यटन स्थल है। यहां से ब्रह्मपुत्र नदी के खूबसूरत दृश्य देखे जा सकते हैं। इसके पास ही असम और अरूणाचल प्रदेश की सीमा है। सीमा पर मदानी क्षेत्र समाप्त हो जाते हैं और पर्वत श्रृंखलाएं शुरू हो जाती हैं। असम के सिलापत्थर से आसानी से यहां तक पहुंचा जा सकता है। यहां आने के लिए पर्यटकों के पास कई विकल्प है। सड़क मार्ग व रेल मार्ग द्वारा आसानी से यहां तक पहुंचा जा सकता है।

मालिनीथान के साथ श्री कृष्ण की कथा जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण और रूक्मणी ने द्वारका जाते समय यहीं पर विश्राम किया था। उनके विश्राम के समय भगवान शिव और उनकी पत्‍नी पार्वती ने उनका स्वागत फूलों के हार से किया था। तब भगवान कृष्ण ने उनको मालिनी नाम दिया था। तब से इस स्थान को मालिनीथान और मालिनीस्थान के नाम से जाना जाता है। इस पूरी पहाड़ी पर पत्थर की प्रतिमाएं देखी जा सकती हैं। यह सभी प्रतिमाएं बहुत खूबसूरत हैं। इनकी खोज 1968-1971 ई. की श्रृंखलाबद्ध खुदाई के दौरान हुई थी। खुदाई में प्रतिमाओं के साथ खूबसूरत स्तंभ और अनेक कलाकृतियां भी मिली हैं। इन कलाकृतियों को देखना पर्यटकों को बहुत पसंद आता है। पर्यटकों के अलावा तीर्थयात्रियों में भी मालिनीथान बहुत लोकप्रिय है। यहां पूजा-करने के लिए देश-विदेश से हजारों तीर्थयात्री भी आते हैं।

अकाशीगंगा: यह स्थान भी बहुत खूबसूरत है और पर्यटकों को बहुत पसंद आता है। अकाशीगंगा तक पर्यटक आसानी से पहुंच सकते है। आकाशीगंगा से सिलापत्थर रेलवे स्टेशन मात्र 25 किमी. की दूरी पर स्थित है। इस स्थान के प्रति तीर्थयात्रियों में बड़ी श्रद्धा है। पुराणों के अनुसार माना जाता है कि यह वही स्थान है जहां पर सती का सिर आकर गिरा था। आकाशीगंगा में एक खूबसूरत झरना भी है। यहां आने वाले तीर्थयात्री इस झरने में स्नान जरूर करते हैं। यहां से ब्रह्मपुत्र नदी के खूबसूरत दृश्य भी देखे जा सकते हैं।

मेचुका गोम्‍पा: यह गोम्‍पा अरूणाचल प्रदेश के सबसे प्राचीन गोम्‍पा में से एक है। इसका नाम सामतेन योंगचा ऑफ मेहायाना है और मेचुका की पश्चिमी पहाड़ियों पर बना हुआ है। यह पश्चिमी सियांग का लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।

कहां ठहरें: पश्‍िचमी सियांग में आने वाले पर्यटकों के पास ठहरने के लिए ज्यादा विकल्प नहीं हैं। इसलिए यहां आने पर्यटकों को ईटानगर या आस-पास के क्षेत्रों में ठहरना पड़ता है।

होटल दोन्यी पोलो अशोक
लोकेशन
: सिटी सेन्टर
सेक्टर-सी, ईटानगर

होटल बोमडिला
लोकेशन
: गोफूर मार्ग,
ईटानगर, अरूणाचल प्रदेश
कमरें: 20

होटल अल्पाईन
लोकेशन
: गंगा मार्किट,
रामकृष्ण मिशन अस्पताल के नजदीक
ईटानगर, अरूणाचल प्रदेश

होटल ब्लू पाईन
लोकेशन
: गंगा मार्किट,
ईटानगर, अरूणाचल प्रदेश
कमरें: 25

पश्चिमी सियांग: एक नजर
राज्य:
अरूणाचल प्रदेश
क्षेत्रफल: 8325 वर्ग किमी.
जनसंख्या: 103,575
गांव: 397
मुख्य शहर: 3
साक्षरतरा दर: 60.31 प्रतिशत
ग्लोब पर स्थिति: 28 डिग्री 9 इंच उत्तरी अक्षांश और 94 डिग्री 46 इंच पूर्वी देशांतर

ऋतुराज पांचाल