क्या देखें सापूतारा- डांग के जंगली इलाके में महाराष्ट्र और गुजरात की सीमा पर खूबसूरत सापूतारा स्थित है। समुद्र तल से 1000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सापूतारा में पूरे साल ठंडा मौसम रहता है। सापूतारा का अर्थ सांपों के रहने का स्थान होता है। यहां सर्पगंगा नदी के किनारे सांप की एक मूर्ति देखी जा सकती है। यहां के आदिवासी होली पर्व के मौके इस मूर्ति की पूजा करते हैं। माना जाता है कि भगवान राम ने अपने वनवास के 11 वर्ष सापूतारा के जंगलों में व्यतीत किए थे। सापूतारा में एक खूबसूरत झरना भी है। सूर्योदय व सूर्यास्त के अनुपम नजारे यहां से देखे जा सकते हैं। मानसून के महीनों में यहां की प्राकृतिक सुंदरता जीवंत हो उठती है। यहां की झील में बोटिंग का भी आनंद उठाया जा सकता है। इस क्षेत्र में कुछ सुंदर बगीचों और संग्रहालय को भी देखा जा सकता है। पुष्पक रोपवे सापूतारा का प्रमुख आकर्षण है। इस रोपवे को भारत का सबसे बड़ा रोपवे माना जाता है।
सनराइज प्वाइंट- इस स्थान से सापूतारा के सुंदर दृश्यों को देखा जा सकता है। यहां की घाटी में पक्षियों की कलरव ध्वनि निरंतर सुनाई पड़ती है। प्राकृतिक दृश्यावली से भरपूर यह स्थान बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है।
गीरा झरना- दक्षिणी गुजरात में स्थित यह झरना सापूतारा-वाघई रोड से 1 किमी. की दूरी पर है। जून से नवंबर तक यह झरना अपने पूरे शबाब पर रहता है। खाने-पीने के स्टॉल और पिकनिक हट्स इसे एक बेहतरीन पिकनिक स्थल बनाते हैं।
गिरमल झरना- गीरा नदी पर बना यह खूबसूरत झरना महल-सिंगना रोड से कुछ दूरी पर है। मॉनसून के दौरान यह झरना बेहत आकर्षक लगता है। इस झरने तक पहुंचने के लिए एक आदिवासी गांव से होकर जाना पड़ता है। इस मार्ग में अनेक प्रकार की दुर्लभ वनस्पतियां देखी जा सकती हैं। गिरमल झरना पिकनिक हेतु एक आदर्श स्थल है। यहां ट्रैकिंग का भी आनंद लिया जा सकता है।
गंधर्वपुरा- सापूतारा हिल स्टेशन के निकट स्थित इस गांव में स्थानीय कारीगरों की हस्तशिल्प की विविध वस्तुओं को देखा जा सकता है। यहां बांस से बनी हस्तशिल्प की वस्तुएं, मिट्टी के बर्तन, आभूषण, पेंटिंग, पेन स्टैंड और कीचैन आदि काफी लोकप्रिय हैं। यहां के कलाकारों द्वारा अपनी कला का प्रशिक्षण देने के लिए कार्यशाला का आयोजन होता रहता है।
वाघई- यह छोटा-सा नगर सापूतारा से 49 किमी. की दूरी पर स्थित है। यहां के वनस्पति उद्यान में भारत के अनेक हिस्सों से लाए गए पौधों को रखा गया है। उन्नई माता मंदिर, गर्म पानी का झरना, वानिल उद्योग, वंशदा नेशनल पार्क और अंबापाडा वाघई और इसके आसपास के प्रमुख दशनीय स्थल हैं। मुंबई में यहां का करीबी एयरपोर्ट है।
पूरना अभ्यारण्य- यह अभ्यारण्य डांग जिले के उत्तरी हिस्से में स्थित है। 160 वर्ग किमी. में फैले इस अभ्यारण्य में जंगली सांड, हाथी, भालू और गेंडे आदि को देखा जा सकता है। अभ्यारण्य में बडी मात्रा में बांस के पेड़ हैं। सापूतारा हिल स्टेशन अभ्यारण्य से थोड़ी दूरी पर है। नवंबर से मार्च की अवधि यहां आने के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है।
कैसे जाएं वायु मार्ग- सूरत और मुंबई में डांग का निकटतम एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट डांग को देश के अनेक शहरों से जोड़ते हैं।
रेल मार्ग- वाघई में डांग जिले का नजदीकी रेलवे स्टेशन है। यह रेलवे स्टेशन पश्चिम रेलवे के बिलिमोरा-वाघई नेरो गेज रेललाइन पर स्थित है। नासिक में यहां का अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशन है।
सड़क मार्ग- डांग जिला सड़क मार्ग द्वारा गुजरात और अन्य पड़ोसी राज्यों के शहरों से जुड़ा है। राज्य परिवहन निगम की नियमित बसें यहां के लिए चलती रहती हैं।
कहां ठहरें तोरण हिल रिजॉर्ट लोकेशन: सापूतारा हिल स्टेशन, जिला डांग, गुजरात कमरों की संख्या: 24 सुविधाएं: प्रत्येक कमरें में विलासिता और मनोरजंन के भव्य प्रसाधनों की व्यवस्था, पंसदीदा चैनल और फिल्म देखने के लिए टीवी सेट, आकर्षक और बड़ा बगीचा, अपने स्वास्थ्य के अनुसार भोजन की उपलब्धता आदि।
सवशान्ति लेक रिजॉर्ट लोकेशन: नागेश्वर महादेव रोड, सापूतारा- 394720, भारत कमरों की संख्या: 40 सुविधाएं: गर्म और ठंडे पानी की उपलब्धता, टीवी, फैक्स सुविधा, टैक्सी सुविधा, बच्चों के लिए आन्तरिक और बाहरी खेलों की व्यवस्था, स्वीमिंग पूल, कांफ्रेस हॉल और पार्टी के लिए झरने के पास बागीचा आदि।
होटल शिल्पी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड लोकेशन: सापूतारा, जिला डांग, गुजरात दूरभाष नम्बर: + 91 2631 237231 सुविधाएं: सुसज्जित वातानुकूलित कमरें, वातानुकूलित रेस्तरां, गार्डन, अनेकों चैनलों वाला टीवी, इंटरनेट सुविधा, 24 घंटे गर्म और ठंडे पानी की उपलब्धता, चिकित्सा सुविधा, जिम और स्वीमिंग सुविधा, फिल्में देखने के लिए छोटा थियेटर, आदेशानुसार आयुर्वेदिक मसाज, सुबह शाम योगा, प्रार्थना कक्ष आदि। भागीरथ