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पूर्वी सिंहभूम

प्राचीन समय में यहां बड़ी संख्या में शेर पाए जाते थे

शेरों का घर नाम से प्रसिद्ध पूर्वी सिंहभूम झारखंड में स्थित है। कहा जाता है कि प्राचीन समय में यहां बड़ी संख्या में शेर पाए जाते थे, इस कारण इसका नाम सिंहभूम रखा गया था। पूर्वी सिंहभूम झारखंड का अखण्ड का भाग है। प्रकृति ने पहाड़ों, नदियों और जंगलों के रूप में यहां पर अपने सौंदर्य को खुलकर बिखेरा हैं। प्राकृतिक सौंदर्य के मनोहारी दृश्य देखने के अलावा यहां पर कई आकर्षक पर्यटक स्थलों की सैर भी की जा सकती है। इन पर्यटक स्थलों में टाटा जुलॉजिकल पार्क, भुवनेश्वरी मन्दिर, दिमना झील, लावाजोड़ा मन्दिर और हरिना शिव मन्दिर प्रमुख हैं। पर्यटक स्थलों के साथ-साथ इसकी खदानें भी पर्यटकों को बहुत आकर्षित करती हैं।

क्या देखें
बुद्धा-बिडही पहाड़ी
: बुद्धा-बिडही पहाड़ी सिंहभूम का एक छोटा-सा जंगल है। इस जंगल में काफी शांति हैं। यहां पर घूमना पर्यटकों को बहुत पसंद आता है क्योंकि शहर की नीरसता भरी जिंदगी से दूर इन जंगलों के शांत माहौल में सुकून के पल बिताए जा सकते हैं। इसके पास कई शानदार पर्यटक स्थल भी हैं जिनकी सैर करना पर्यटकों को बहुत भाता है। इन पर्यटक स्थलों में टाटा जुलॉजिकल पार्क, भुवनेश्वरी मन्दिर और दिमना झील प्रमुख हैं।

गोल्डिह: घाटशिला से 10 कि.मी. दूर गोल्डिह स्थित है। इसकी गिनती पूर्वी सिहंभूम के शानदार पर्यटक स्थलों में की जाती है। प्रकृति ने गोल्डिह में अपनी सुन्दरता को खुलकर बिखेरा है। पर्यटक यहां के शांत वातावरण में आन्तिरक शान्ति महसूस कर सकते हैं और प्राकृतिक सौंदर्य की आकर्षक झलकियां देख सकते हैं। इसके पास ही सुवर्णरेखा नदी बहती है जिसकी कल-कल करती धारा पर्यटकों के कानों में मिश्री घोलती सी प्रतीत होती है। सुवर्णरेखा के मनोरम दृश्य देखने के बाद सतगुरूम घूमने भी जा सकते हैं जो पर्यटकों को बहुत पसंद आता है।

कीरीबुरू: पूर्वी सिंहभूम में स्थित कीरीबुरू पर्यटकों को हिल स्टेशन का आभास कराता है। यह सारंदा जंगल में स्थित है और बहुत खूबसूरत है। कीरीबुरू की खूबसूरती पर्यटकों को बहुत आकर्षित करती है। उन्हें यहां आकर बहुत अच्छा लगता है क्योंकि वह यहां पर बेहतरीन पिकनिक का आनंद लेने के साथ-साथ जंगल की सैर भी कर सकते हैं। जंगल की सैर के समय यहां पर विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधे और पशु-पक्षियों को भी देखा जा सकता है। कीरीबुरू में पर्यटक के ठहरने और खाने-पीने के लिए गेस्ट हाऊस का निर्माण भी किया गया है।

लावाजोड़ा मन्दिर: पूर्वी सिंहभूम के पतमदा खण्ड से 9 कि.मी. की दूरी पर लावाजोड़ा मन्दिर स्थित है। पुरातत्व केदृष्टिकोण से यह मन्दिर बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस मन्दिर में 9वीं और 10वीं शताब्दी की मूर्तियां देखी जा सकती हैं। मन्दिर के पास कई गांव भी हैं जो पर्यटकों के आकर्षण केन्द्र हैं। इन गांवों का मुख्य आकर्षण एक हाथी की प्रतिमा है जिस पर पौराणिक कथाओं का पात्र सवार है। यह प्रतिमा पर्यटकों को बहुत पसंद आती है और वह इसके शानदार चित्रों को अपने कैमरों में कैद करके ले जाते हैं।

मां गिरिराज राजेश्वरी मन्दिर: कीरीबुरू से 10 कि.मी. की दूरी पर खूबसूरत मां गिरिराज राजेश्वरी मन्दिर स्थित है। यह एक प्राचीन मन्दिर है जो मां राजेश्वरी को समर्पित है। स्थानीय लोगों में इस मन्दिर के प्रति बड़ी श्रद्धा है और वह पूजा करने के लिए प्रतिदिन यहां आते हैं। नवरात्रि में इस मन्दिर में भव्य मेले का आयोजन भी किया जाता है जिसमें स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों की भारी भीड़ देखी जा सकती है।

कहां ठहरें
मानसरोवर होटल
लोकेशन
: रेलवे स्टेशन के पास
पूवी सिंहभूम

होटल सिद्धार्थ
लोकेशन
: रेलवे स्टेशन के पास
पूर्वी सिंहभूम

होटल राजहंस
लोकेशन
: रेलवे स्टेशन के पास
पूर्वी सिंहभूम

होटल गंगा इण्टरनेशनल
लोकेशन
: टाटा नगर जंक्शन रेलवे स्टेशन के पास, पूर्वी सिंहभूम
कमरें: 28

कैसे पहुंचे
वायु मार्ग: देश के प्रमुख हवाई अड्डों से पर्यटक आसानी से रांची हवाई अड्डे तक पहुंच सकते हैं। रांची हवाई अड्डे से आसानी से पूर्वी सिंहभूम तक पहुंचा जा सकता है।

रेल मार्ग: पर्यटकों की सुविधा के लिए पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया में रेलवे स्टेशन का निर्माण किया गया है। रेलगाड़ियों से पर्यटक भारत के विभिन्न भागों से चाकुलिया रेलवे स्टेशन तक पहुंच सकते हैं।

सड़क मार्ग: पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया में रेलवे स्टेशन के साथ-साथ बस अड्डे का निर्माण भी किया गया है। झारखंड के विभिन्न भागों से चाकुलिया बस अड्डे तक बसों व टैक्सियों द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है।

पूर्वी सिंहभूम: एक नजर में
राज्य
: झारखंड
क्षेत्रफल: 79714 वर्ग कि.मी.   
जनंसख्या: 1978671
साक्षरता दर: 69.42 प्रतिशत
प्रखण्ड: 2
खण्ड: 9
गांव: 1770
एस.टी.डी. कोड:  6572
ग्लोब पर स्थिति: 22 डिग्री 12 इंच से 23 डिग्री 1 इंच उत्तरी अक्षांश और 86 डिग्री 4 इंच से 86 डिग्री 54 इंच पर स्थित है।

ऋतुराज पांचाल