मुख्य पृष्ठ
|
नवीनतम
|
दर्शनीय स्थल
|
होटल
|
फोटो गैलरी
|
बुकिंग
|
English Site
|
विषय-वस्तु
|
वीडियो गैलरी
|
ट्रैवल टिप्स
|
आमंत्रण
इलाहाबाद
इलाहाबाद
पूर्वी उत्तर प्रदेश में गंगा नदी के किनार बसा इलाहाबाद भारत का पवित्र और लोकप्रिय तीर्थस्थल है। उत्तर प्रदेश के इस ऐतिहासिक शहर का प्रशासनिक, शैक्षिक, धार्मिक, और सांस्कृतिक दृष्टि से अग्रणी स्थान है। इस शहर का उल्लेख भारत के धार्मिक ग्रन्थों में भी मिलता है। वेद, पुराण, रामायण और महाभारत में इस स्थान को प्रयाग कहा गया है। गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों का यहां संगम होता है, इसलिए हिन्दुओं के लिए इस शहर का विशेष महत्व है। 12 साल बाद यहां कुम्भ के मेले का आयोजन होता है।
फोटो गैलरी देखें
क्या देखें
इलाहाबाद किला
संगम के निकट स्थित इस किले को मुगल सम्राट अकबर ने 1583 ई. में बनवाया था। वर्तमान में इस किले का कुछ ही भाग पर्यटकों के लिए खुला रहता है। बाकी हिस्से का प्रयोग भारतीय सेना करती है। इस किले में तीन बड़ी गैलरी हैं जहां पर ऊंची मीनारें हैं। सैलानियों को अशोक स्तंभ, सरस्वती कूप और जोधाबाई महल देखने की इजाजत है। इसके अलावा यहां अक्षय वट के नाम से मशहूर बरगद का एक पुराना पेड़ और पातालपुर मंदिर भी है।
संगम
इस स्थान पर गंगा, यमुना और सरस्वती नदी का मिलन होता है। संगम सिविल लाइन्स से 7 किमी. की दूरी पर है। साधु सन्तों को यहां हमेशा पूजा पाठ करते हुए देखा जा सकता है। 12 साल में लगने वाले कुंभ मेले के अवसर पर संगम विभिन्न गतिविधियों का केन्द्र बन जाता है। यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा बेहद मनमोहक लगता है।
स्वराज भवन
इस ऐतिहासिक इमारत का निर्माण मोतीलाल नेहरू ने करवाया था। 1930 में उन्होंने इसे राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। इसके बाद यहां कांग्रेस कमेटी का मुख्यालय बनाया गया। भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी का जन्म यहीं पर हुआ था।
आनंद भवन
एक जमाने में आनंद भवन भारतीय राजनीति में अहम स्थान रखने वाले नेहरू परिवार का निवास स्थान था। आज इसे संग्रहालय का रूप दे दिया गया है। यहां पर गांधी-नेहरू परिवार की पुरानी निशानियों को देखा जा सकता है।
हनुमान मंदिर
संगम के निकट स्थित यह मंदिर उत्तर भारत के मंदिरों में अद्वितीय है। मंदिर में हनुमान की विशाल मूर्ति आराम की मुद्रा में स्थापित है। यद्यपि यह एक छोटा मंदिर है फिर भी प्रतिदिन सैकड़ों की तादाद में भक्तगण आते हैं। नदी से नजदीक होने कारण बाढ आने पर यह मंदिर डूब जाता है।
खुसरौ बाग
इस विशाल बाग में खुसरौ, उसकी बहन और उसकी राजपूत मां का मकबरा स्थित है। खुसरौ सम्राट जहांगीर के सबसे बड़े पुत्र थे। इस पार्क का संबंध भारत के स्वतंत्रता संग्राम से भी है।
पब्लिक लाइब्रेरी
चन्द्रशेखर आजाद पार्क के अंदर स्थित यह लाइब्रेरी शहर की सबसे प्राचीन लाइब्रेरी है। 1864 में स्थापित यह लाइब्रेरी वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। यहां बहुत सी दुर्लभ पुस्तकें देखी जा सकती हैं।
शिवकुटी
गंगा नदी के किनार स्थित शिवकुटी भगवान शिव को समर्पित है। शिवकुटी को कोटीतीर्थ के रूप में भी जाना जाता है। सावन माह में यहां एक मेला लगता है।
मिन्टो पार्क
सफेद पत्थर के इस मैमोरियल पार्क में सरस्वती घाट के निकट सबसे ऊंचे शिखर पर चार सिंहों के निशान हैं। लार्ड मिन्टो ने इन्हें 1910 में स्थापित किया था। 1 नवंबर 1858 में लार्ड कैनिंग ने यहीं रानी विक्टोरिया का लोकप्रिय घोषणापत्र पढा था।
इलाहाबाद म्युजियम
चन्द्र शेखर आजाद पार्क के निकट स्थित है। इस संग्रहालय का मुख्य आकर्षण निकोलस रोरिच की पेंटिग्स, राजस्थानी लघु आकृतियां, सिक्कों और दूसरी शताब्दी से आधुनिक युग की पत्थरों की मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है। संग्रहालय में 18 गैलरी हैं और यह सोमवार के अलावा प्रतिदिन 10 से 5 बजे तक खुला रहता है।
जवाहर प्लेनेटेरियम
आनंद भवन के बगल में स्थित इस प्लेनेटेरियम में खगोलीय और वैज्ञानिक जानकारी हासिल करने के लिए जाया जा सकता है। यहां प्रतिदिन पांच शो चलते हैं। सोमवार और सरकारी अवकाश के दिन यह प्लेनेटेरियम बंद रहता है।
चन्द्रशेखर आजाद पार्क- यह पार्क महान स्वतंत्रता सैनानी चन्द्रशेखर आजाद को समर्पित है जिन्होंने अंग्रेजी सेना से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। पार्क में उनकी मूर्ति स्थापित है।
भारद्वाज आश्रम
यह आश्रम संत भारद्वाज से संबंधित है। कहा जाता है भगवान राम चित्रकूट में बनवास जाने से पहले यहां आए थे। वर्तमान में यहां भारद्वाजेश्वर महादेव, संत भारद्वाज और देवी काली का मंदिर है।
कैसे जाएं
वायु मार्ग- इलाहाबाद का निकटतम एयरपोर्ट वाराणसी है जो 147 किमी. की दूरी पर है। लखनऊ एयरपोर्ट 210 किमी. की दूरी पर है।
रेल मार्ग- इलाहाबाद दिल्ली-कोलकाता रूट पर स्थित है। देश के किसी भी हिस्से से यहां रेलमार्ग से पहुंचा जा सकता है। कोलकाता, दिल्ली, पटना, गुवाहाटी, चैन्नई, मुम्बई, ग्वालियर, मेरठ, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी आदि शहरों से इलाहाबाद के लिए सीधी ट्रेनें हैं।
सड़क मार्ग- उत्तर प्रदेश और देश के अनेक शहरों से इलाहाबाद के लिए नियमित बसें चलती हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 2 और 27 से इलाहाबाद पहुंचा जा सकता है।
कब जाएं- अक्टूबर से मार्च
भागीरथ
भारत
मिस्र
नेपाल
आस्ट्रेलिया
कनाडा
सिंगापुर
हॉलैंड
मलयेशिया
मॉरिशस
न्यूजीलैंड
दक्षिण अफ्रीका
तुर्की
श्रीलंका
संयुक्त अरब अमीरात
ब्रुनेई
जापान
थाइलैंड
नाइजीरिया
जर्मनी
केन्या
स्विटजरलैंड
दक्षिण कोरिया
इंडोनेशिया
मोरक्को
जॉर्डन
इराक
बंगलादेश
कतर
वियतनाम
पाकिस्तान
इजरायल
अफगानिस्तान
कुवैत
ओमान
ताइपे
ईरान
मकाऊ
भूटान
ग्रीस
स्वीडन
सउदी अरब
संयुक्त राज्य अमेरिका
अल्बानिया
युनाइटेड किंगडम
इंग्लैंड
स्कॉटलैंड
एक्वाडोर
बोलोनिया
मोज़ाम्बीक
गुयाना
ग्विनेया बिसाऊ
मँगोलिया
फ्रांस
गाम्बिया
रूस
पोलैंड
सीरिया
----राज्य चुनें----
झारखंड
जम्मू-कश्मीर
दिल्ली
बिहार
उत्तराखंड
हिमाचल प्रदेश
उत्तर प्रदेश
तमिलनाडु
पंजाब
गोवा
राजस्थान
महाराष्ट्र
केरल
उड़ीसा
मेघालय
पश्चिमी बंगाल
सिक्किम
लक्षद्वीप
कर्नाटक
मध्य प्रदेश
अरुणाचल प्रदेश
दमन व दीव
गुजरात
आंध्र प्रदेश
असम
हरियाणा
अंडमान एंड निकोबार
छत्तीसगढ़
पुदुचेरी
नागालैंड
मणिपुर
त्रिपुरा
दादरा और नगर हवेली
चंडीगढ़
मिजोरम
---स्थान चुनें----
झांसी
आगरा
वाराणसी
इलाहाबाद
अयोध्या
प्रतापगढ़
चित्रकूट
लखनऊ
बलिया
अलीगढ़
अम्बेडकर नगर
गोकुल
गोवर्धन
आजमगढ़
बलरामपुर
बाराबंकी
बरेली
बरसाना
बस्ती
बुलंदशहर
देवरिया
फैजाबाद
फर्रुखाबाद
फतेहपुर
फिरोजाबाद
गाजियाबाद
गाजीपुर
गोरखपुर
हमीरपुर
हरदोई
हाथरस
ज्योतिबा फुले नगर
कानपुर
कौशाम्बी
कुशीनगर
लखीमपुर-खीरी
ललितपुर
महाराजगंज
महोबा
मैनपुरी
मऊ
मेरठ
मिर्जापुर
मुरादाबाद
मुजफ्फरनगर
प्रतापगढ़
राय बरेली
रामपुर
सहारनपुर
संत कबीर नगर
संत रविदास नगर
शाहजहांपुर
सीतापुर
सोनभद्र
श्रावस्ती
सुल्तानपुर
वृंदावन
जालौन
कालिंजर
मथुरा
बागपत
बहराइच
बांदा
चन्दौली
इटावा
पीलीभीत
देवगढ़
बिठूर
जौनपुर
सारनाथ
इटावा
गोण्डा
मुरैना
उन्नाव
Copyright ADS Media Pvt Ltd. All right reserved
हमारे बारे में
|
मुख्य पृष्ठ
|
हमसे संपर्क करें
|
गोपनीयता/कॉपीराइट/उपयोग नियम व शर्तें